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गांधी का नाम हटा
राम का नाम जोड़ा गया
मनरेगा का नाम बदला मोदी सरकार
ने...
मनरेगा को लेकर विपक्षी दलों ने संसद से लेकर बाहर
तक इस इसके नाम को बदले जाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज की है। मोदी सरकार ने महात्मा
गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) की जगह ‘विकसित भारत
गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (विकसित भारत-जी राम जी)
विधेयक, 2025 को लोकसभा में पेश कर दिया है। विपक्षी सदस्यों ने मनरेगा के
स्थान पर इस विधेयक को लाए जाने का विरोध करते हुए कहा कि सरकार अधिनियम के नाम
से महात्मा गांधी का नाम हटाना चाहती है इसलिए यह विधेयक लाया जा रहा है। उनका
कहना था कि मनरेगा में गरीब ग्रामीणों को रोजगार मिल रहा है।
इस बिल को पेश करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महात्मा गांधी हमारे दिलों
में बसते हैं। हम केवल महात्मा गांधी को मानते ही
नहीं उनके विचारों पर आधारित सरकार कई गरीब कल्याण की कई योजनाएं चला रही है।
मनरेगा पर हमारी सरकार ने गरीबों पर पहले से अधिक खर्च किया है। अब 125 दिन की
गारंटी दी जाएगी पहले 100 दिन की थी।
इस बिल की आलोचना प्रियंका गांधी से लेकर शशि थरूर तक ने की। विरोध करने वालों
ने महात्मा गांधी का नाम इस योजना से हटाने को लेकर कड़ा विरोध दर्ज किया। इस पर
केंद्रीय कृषि मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि विपक्ष राम के नाम से क्यों भड़क
रहा है। गरीब का कल्याण, इसमें उसी संकल्प को पूरा करने का काम किया जाएगा।
इसके प्रावधान में एक विकसित गांव का लक्ष्य है जो गरीबों के कल्याण के लिए है।
महात्मा गांधी ही राम राज्य चाहते थे।
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को खत्म करने की कोशिश महात्मा गांधी
के विचारों का सीधा अपमान है। पिछले 10 सालों से मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर
करने की कोशिश कर रही है और अब इसे पूरी तरह खत्म करने का इरादा है। वीबी जी
राम जी बिल गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर हमला है। कांग्रेस सड़क से लेकर
संसद तक इस जनविरोधी बिल का विरोध करेगी।
विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद यह बिल लोकसभा में पास हो गया। इस बिल से
महात्मा गांधी का नाम हटाने पर कुछ लोगों ने तीव्र प्रतिक्रिया दी है लेकिन
भाजपा के लोग महात्मा गांधी का नाम हटाकर भगवान राम का नाम इस योजना से जोड़ने
को लेकर काफी खुशी भी हैं। अब सरकार है तो कुछ भ्ज्ञी कर सकती है।
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