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एनटीटी भर्ती नहीं होगी
विशेष संवाददाता
शिमला : हिमाचल प्रदेश में सरकार द्वारा केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव को एनसीटीई
ने अस्वीकार कर दिया है। प्रदेश सरकार को करीब दो दशक से बार बार समझाने के बाद
भी इस ओर अभी तक कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है और अब फिर से एनसीटीई ने
प्रदेश सरकार के एनटीटी के एक वर्ष के डिप्लोमा की शर्त को भी स्वीकार करने के
निर्णय को नकार दिया है। ऐसे में इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर प्रदेश सरकार फिर
से नए सिरे से फजिहत हो गई है।
एनसीटीई ने आंगनबाड़ी वर्करों को भी प्री नर्सरी टीचर के लिए अपात्र बता दिया
है। इस संबंधा में केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा विभाग को पूरी जानकारी भेज दी
है जिसमें आंगनबाड़ी वर्करों को ब्रिज कोर्स करवाने की बात को भी दरकिनार कर
दिया गया है। राज्य में बीते वर्ष से 6267 पदों पर एनटीटी भर्ती अब प्रदेश में
नए सिरे से शुरू होगी।
प्रदेश सरकार द्वारा प्रयास किए गए फिर भी एससीटीई के नियम और शर्तों के
मुताबिक उपयुक्त डिप्लोमाधारक नहीं मिलने से भर्ती प्रक्रिया पर अब रोक लग गई
है। राज्य में केवल 87 अभ्यर्थी ही एनटीटी भर्ती के लिए उपयुक्त पाए गए थे।
केंद्र सरकार के निर्णय के चलते अब राज्य में एक साल के डिप्लोमाधारकों को भी
बड़ा झटका लग गया है। इसमें प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं के साथ खिलवाड़ कर
रही है जिस कारण करीब नौ हजार से अधािक एनटीटी टीचरर्स की नौकरियां रुकी पड़ी
हैं।
ग्रास साप्ताहिक ने शिक्षा के अधािकार कानून के बनते ही कई बार प्रदेश सरकार को
अवगत करवाया कि वह प्रदेश में ही एनटीटी प्रशिक्षण केन्द्र खोल दे लेकिन सरकार
ने ऐसा नहीं किया और अभी भी सरकार ऐसा नहीं करने जा रही है।
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