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आईजीएमसी कांड चाय के प्याले में तूफान
सरकार ने तय किया मरीजों के साथ बदत्तमीजी न
हो...
विशेष संवाददाता
शिमला
: इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आईजीएमसी) शिमला में पिछले दिनों एक मरीज के
साथ डाक्टर की मारपीट कांड चाय के प्याले में तूफान की तरह हुआ। इसका एक
वीडियों भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ जिसमें दो डाक्टर मरीज को दबोच रहे हैं
और एक डाक्टर मरीज पर मुक्कों की बौछार कर रहा था। इसमें मरीज के नाक से खून भी
निकल आया। बड़े बवाल के बाद दोनों पक्षें में समझौता करवाकर मामले को सरकार ने
शांत करवा दिया है।
कुपवी के इस युवा का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया में जारी हुआ वैसे ही वहां
अन्य युवा भी एकत्र हो गए और उन्होंने डाक्टर की मारपीट का विरोध दर्ज करवाना
शुरू कर दिया। मामले की पुलिस में शिकायत दर्ज कर ली गई थी। लेकिन वहां एकत्र
लोग इस कार्यवाही से संतुष्ट नहीं थे। वह डाक्टर को बर्खास्त करने की मांग पर
अड़े हुए थे। सरकार ने भी अपनी जांच के बाद डाक्टर को बर्खास्त कर दिया। इस
बर्खास्तगी के विरोध में प्रदेश के डाक्टर हड़ताल पर चले गए और माहौल और तनाव
पूर्ण हो गया था। इसके बाद डाक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से
मिले, मुख्यमंत्री ने भी इस मामले में तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की। आखिरकार
दोनों पक्षों को बिठाया गया उनसे गलती के लिए माफी मंगवाई गई और आपस में समझौता
कर पूरे मामले को शांत करवा दिया गया।
पिछले काफी समय से यह बात सामने आने लगी थी कि आईजीएमसी के डाक्टर मरीजों के
साथ अच्छा व्यवहार नहीं करते हैं। जो लोग अक्सर आईजीएससी में जाते हैं वह इस
बात को अच्छी तरह से जानते हैं। प्रतिदिन इस प्रकार के दर्जनों केस सामने आते
हैं जब डाक्टर और अन्य कर्मचारी मरीजों और उनके परिजनों से बुरा व्यवहार करते
हुए देखे जाते हैं। अस्पताल प्रशासन यहां मौजूद विभिन्न कर्मचारी संगठनों के
दबाव के चलते दोषी डाक्टरों, स्टफ नर्सों और स्क्योरिटी स्टाफ के खिलाफ कोई
उचित कार्यवाही नहीं कर पाते हैं। लेकिन इस बार मामला कुछ अलग दिख रहा था।
लोगों का आक्रोश इस बार ज्यादा था और जिस प्रकार के वीडियो इस घटना के बाद जारी
हो रहे थे उसे देखकर लगता था कि प्रदेश सरकार को इस मामले में दखल देना जरूरी
हो गया है।
सरकार के दखल के बाद जहां मामला शांत हो गया वहीं मुख्यमंत्री ने इस बात को भी
कहा कि डाक्टर्स के लिए कुछ प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे ताकि वह मरीजों की
संवेदनाओं और उनके अधिकारों के प्रति भी सजग रहें। साथ ही मुख्यमंत्री ने
डाक्टरों की समस्याओं पर भी ध्यान देने की बात कही।
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